इतिहास साक्षी है, जो समाज…मोहन भागवत ने हिंदू एकता पर दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज को संगठित और एकजुट रहने का संदेश देते हुए सीख दी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज को अपना जीवन चलाने के लिए ‘हिन्दू एकता’ की आवश्यकता है। उसमें से शक्ति उत्पन्न होगी। यह बताने के लिए और कोई तर्क देने की आवश्यकता नहीं, जो समाज संगठित है, एक है उस समाज का उत्कर्ष होता है और जो समाज विभक्त है, संगठित नहीं है उसका पतन होता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इसके साक्षी हैं।
केरल में हिंदू एकता सम्मेलन कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू धर्म में जाति मायने नहीं रखती है। यहां कोई उच्च या निम्न नहीं है, हिंदू होना एक स्वभाव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर हिंदू एकजुट हो जाएं तो इससे भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व को लाभ होगा। भागवत बोले, अगर हर कोई एकजुट होकर काम करेगा तो इससे हिंदू एकता हासिल की जा सकती है। पूरा विश्व आज हिंदुस्तान की तरफ आशा की दृष्टि से देख रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का भी सुझाव दिया।
संघ प्रमुख ने कहा, पर्यावरण की रक्षा करने के लिए तीन छोटे काम किए जा सकते हैं। पहला यह कि पानी की बर्बादी को रोका जाए, दूसरा पेड़, पौधे लगाए जाएं और तीसरा प्लास्टिक के प्रयोग से बचा जाए। इससे पहले जनवरी में संगठन की एक बैठक को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा था कि जो लोग अपनी रक्षा नहीं कर पाते, उन्हें भगवान भी नहीं बचा सकते। अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए हमें ताकत की जरूरत है और ताकत को प्रभावी बनाने के लिए अनुशासन और ज्ञान की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि आरएसएस धर्म की रक्षा के जरिए दुनिया को सार्थक समाधान प्रदान कर रहा है।
