हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां!, अमेरिका से भेजे गए 104 अवैध भारतीय प्रवासियों का Video आया
नई दिल्ली। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने अवैध प्रवासियों को उनके देश भेजना शुरू किया है। इसी कड़ी में ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने 104 भारतीयों को सैन्य विमान में बिठाकर बुधवार को भारत पहुंचा दिया था। अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर अमेरिका का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा था। जिन अवैध प्रवासी भारतीयों को डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने भारत भेजा, उनमें 13 नाबालिग भी हैं। इन सभी अवैध प्रवासी भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर विमान में बिठाया गया था। अमृतसर एयरपोर्ट पर अमेरिका का विमान उतरने के बाद हथकड़ी और बेड़ी से अवैध प्रवासी भारतीयों को मुक्ति मिल सकी थी। अब इसका वीडियो आया है कि किस तरह अवैध प्रवासी भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में ट्रंप सरकार के अफसरों ने जकड़ा था।
अवैध प्रवासी भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियां लगाए जाने के मामले में सियासत गर्माई हुई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस पर मोदी सरकार को घेर रहे हैं। विपक्षी दल इसे भारत और यहां के नागरिकों का अपमान करार दे रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर सवाल खड़ा किया है। खरगे ने सवाल पूछा है कि क्या सरकार अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस लाने के लिए अपने विमान नहीं भेज सकती थी? संसद में विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मसले पर गुरुवार को जमकर विरोध भी जताया। इस बीच, अवैध प्रवासी भारतीयों को इस तरह हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर वापस भेजने पर भारत स्थित अमेरिका के दूतावास का बयान आया है। अमेरिका के दूतावास का कहना है कि उनके देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।
बता दें कि अमेरिका में करीब 18000 अवैध प्रवासी भारतीय हैं। अमेरिका से इन सभी को वापस भेजा जाना है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बीते दिनों बयान दिया था कि जिन अवैध प्रवासी भारतीयों को अमेरिका वापस भेजेगा, उनके दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। डंकी रूट से ज्यादातर अवैध प्रवासी अमेरिका में दाखिल होते हैं। इसके लिए दुबई, लंदन, यूरोप के अन्य देशों से वे मेक्सिको पहुंचते हैं। मेक्सिको के अलावा कनाडा के रास्ते भी अवैध प्रवासी अमेरिका में दाखिल होते हैं। इसी पर डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने पहले ही कई और देशों के अवैध प्रवासियों को इसी तरह सैन्य विमान में बिठाकर उनके देश वापस भेजा है।
