पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बना वोटिंग का रिकॉर्ड, आजादी के बाद इन दोनों राज्यों में पहली बार इतना अधिक मतदान
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जहां पहले चरण के चुनाव में राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, तो वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हो गया है। दोनों ही प्रदेशों में इस बार मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना दिया। पश्चिम बंगाल में 91.78 फीसदी वोटिंग हुई वहीं तमिलनाडु में वोटिंग प्रतिशत 84.69 फीसदी दर्ज किया गया।
देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि देश की आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में पहली बार इतनी जबर्दस्त वोटिंग हुई है। इतनी बंपर वोटिंग के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों ही प्रदेशों के मतदाताओं की प्रशंसा की। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से दूसरे चरण के चुनाव में भी इसी तरह बंपर वोटिंग की अपील की है।
बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 93.12%, कूचबिहार में 92.07%, बीरभूम में 91.55%, मुर्शिदाबाद में 91.36%, जलपाईगुड़ी में 91.20%, पश्चिम मेदिनीपुर में 90.70%, झाड़ग्राम में 90.53%, बांकुड़ा में 89.91%, उत्तर दिनाजपुर में 89.74% और मालदा में 89.56% वोटिंग हुई। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद यह पहला चुनाव है और इसमें वोटर्स का जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला है। बंगाल में हालांकि मुर्शिदाबाद, दक्षिण दिनाजपुर और आसनसोल में हिंसा मतदान के दौरान हिंसा भी हुई। अब बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होना है। दूसरे चरण में 142 सीटों पर कुल 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव के बाद बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों की मतगणना 4 मई को होगी।
