कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खारिज की
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर मामले में पवन खेड़ा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी, मगर उनको राहत नहीं मिली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया ने इससे पहले 21 अप्रैल को पवन खेड़ा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति है।
इसी मामले में खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला असम पुलिस ने दर्ज किया है। असम पुलिस 7 अप्रैल को पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में खेड़ा ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी जहां से उनको 10 अप्रैल को एक सप्ताह की अग्रिम जमानत मिल गई थी ताकि वो असम की अदालतों में अग्रिम अपील कर सकें। असम पुलिस ने तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जहां 15 अप्रैल को खेड़ा की अग्रिम जमानत के आदेश पर रोक लग गई।
इसके बाद खेड़ा ने सर्वोच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया जिसमें उन्होंने पूर्व के आदेश पर विचार करने की मांग की मगर 17 अप्रैल सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर लगे स्टे ऑर्डर को हटाने से इनकार कर दिया और ट्रांजिट बेल की अवधि बढ़ाने से भी मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने उनको असम की कोर्ट में जाने की सलाह दी थी। इसके बाद पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पवन खेड़ा की गिरफ्तारी हो सकती है।
