मकोका केस में आप के पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की
नई दिल्ली। महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बालियान की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जांच एजेंसी के आरोप और मामले की गंभीरता के मद्देनजर अदालत ने नरेश बालियान को जमानत देने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नरेश बालियान को 4 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। बालियान पर गैंगस्टर कपिल सांगवान नंदू के साथ एक आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप है। पुलिस इस मामले में नरेश बालियान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
गैंगस्टर कपिल सांगवान के पिछले कई सालों से ब्रिटेन में छिपे होने की आशंका है। कपिल सांगवान हरियाणा के नफे सिंह हत्याकांड और बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बीजेपी ने कपिल सांगवान और नरेश बालियान की कथित बातचीत का ऐ ऑडियो क्लिप भी जारी की थी। उस क्लिप में कथित तौर पर बलियान और सांगवान के बीच एक बिल्डर से पैसा वसूल कर आपस में बांटने की बात हो रही थी। बीजेपी ने आप नेता पर हवाला के जरिए पैसों के लेने देन का भी आरोप लगाया था।
इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 जनवरी, 2025 को बालियान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जज कावेरी बावेजा ने कहा था आप नेता बालियान और गैंगस्टर कपिल सांगवान के नेतृत्व वाले आपराधिक गिरोह के बीच संबंध को इंगित करने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने मार्च 2026 के महीने में सुनवाई के दौरान केस की जांच में देरी पर सवाल उठाया था और दिल्ली पुलिस को जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। हालांकि बाद में अप्रैल में बालियान की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से उन्होंने खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद यह मामला हाईकार्ट की दूसरी बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए लाया गया।
