यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह को सोशल मीडिया से डिलीट करने होंगे ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो
नई दिल्ली। यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह के खिलाफ ईशा फाउंडेशन द्वारा दायर मानहानि मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह के सद्गुरु जग्गी वासुदेव और उनके ईशा फाउंडेशन पर हाल ही में बनाए गए सभी वीडियो को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया साइट से हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने श्याम मीरा सिंह को संबंधित किसी भी वीडियो को पब्लिश करने या उसे शेयर करने से भी रोक लगाई है। साथ ही आम लोगों को भी उक्त वीडियो को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने से भी रोका है। अब इस केस की सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
श्याम मीरा सिंह ने 24 फरवरी को अपने यूट्यूब चैनल ‘सद्गुरु एक्सपोज्ड : जग्गी वासुदेव के आश्रम में क्या हो रहा है’ शीर्षक वाला एक वीडियो अपलोड किया था। ईशा फाउंडेशन की ओर से श्याम मीरा सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए इन वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की मांग अदालत से की गई थी। श्याम मीरा सिंह ने अपने एक्स अकाउंट पर ईशा फाउंडेशन से जुड़े यूट्यूब वीडियो का लिंक शेयर करते हुए लिखा था कि मुझे सद्गुरु की सबसे करीबी भारती वरदराज और ईशा फाउंडेशन की मां प्रद्युत के आधिकारिक ईमेल मिले हैं। यूट्यूबर ने सद्गुरु पर लड़कियों को दीक्षा देने के मामले में गंभीर आरोप लगाए थे।
श्याम मीरा सिंह ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया था कि ईशा स्कूल के पीटी शिक्षक ने 8 वर्षीय बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिसके बारे में उसने सद्गुरु को भी बताया, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा भी श्याम मीरा सिंह ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव और उनके ईशा फाउंडेशन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना अंतरिम फैसला सुनाया है।
