आरएसएस की मांग- बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र दे दखल, संघ की प्रतिनिधि सभा ने प्रस्ताव किया पास
बेंगलुरु। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस ने चिंता जताई है। बेंगलुरु में आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव पास किया गया है। प्रस्ताव में आरएसएस ने संयुक्त राष्ट्र संघ से मांग की है कि वो बांग्लादेश में हिंदुओं का अत्याचार रोकने के लिए दखल दे। आरएसएस ने अपने प्रस्ताव में ये भी कहा है कि दुनिया के सभी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ एकजुट हों। आरएसएस ने दुनियाभर में बसे हिंदुओं से भी बांग्लादेश के मसले पर एकजुट होने की अपील की है।
आरएसएस इससे पहले भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा चुका है। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत कई बार इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं। मोहन भागवत ने भी कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सभी हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने बांग्लादेश की घटनाओं से सबक लेने का आग्रह भी हिंदुओं से किया था। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को रोकने के लिए आरएसएस पहले केंद्र की मोदी सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग कर चुका है। अब उसने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से दखल की मांग की है।
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को तत्कालीन पीएम शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था। इससे पहले कई महीने छात्रों का आंदोलन चला था। शेख हसीना के भारत आने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को कट्टरपंथियों ने निशाने पर लेना शुरू किया। हिंदुओं के घरों और मंदिरों पर हमले हुए। महिलाओं से रेप और कई हिंदुओं की हत्या भी बांग्लादेश में हुई। वहीं, बाद में अल्पसंख्यक बौद्ध और ईसाई समुदाय के खिलाफ भी बांग्लादेश में हमले हुए। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से हिंदुओं की सुरक्षा करने के लिए कहा था। भारत सरकार ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को भी बांग्लादेश भेजकर अपनी चिंता से अवगत कराया था। इसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। इसके बाद भी कई और हिंदुओं पर हमले की घटनाएं हुईं।
