अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना, पीएम को संदेश…पहलगाम हमले को लेकर ये क्या बोल गए राबर्ट वाड्रा
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की हर कोई निंदा कर रहा है। जम्मू कश्मीर में स्थानीय लोग इस हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन जैसे बहुत से देशों ने आतंकी हमले की भर्त्सना करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने ऐसा अजीबोगरीब बयान दिया है जो समझ से परे है। उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों को दरकिनार किया जा रहा है, वो असहज महसूस कर रहे हैं यही कारण है कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के लिए एक संदेश है।
राबर्ट वाड्रा ने कहा कि जो कुछ हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूँ। कोई भी समूह निर्दोष लोगों की हत्या करके अपने उद्देश्यों को उजागर नहीं कर सकता। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, यह मानवता को निशाना बनाता है। लेकिन आज पूरे भारत में अल्पसंख्यकों के प्रति विभाजन, सांप्रदायिक मुद्दे और असुरक्षा की भावना है। उनको दबाया जा रहा है, उन्हें अपने घरों की छत पर नमाज पढ़ने की भी अनुमति नहीं है। मस्जिदों का सर्वे हो रहा है, बाबर और औरंगजेब को लेकर विवाद मचा हुआ है। सरकार हिंदुत्व की बात करती है और हिंदू-मुसलमान के बीच विभाजन पैदा हो गया है।
वाड्रा यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि अगर इसे रोका नहीं गया तो इस तरह के आतंकी हमले आगे भी होते रहेंगे। वाड्रा ने कहा कि मैंने पहले जब अल्पसंख्यकों की बात की थी तो मुझे ईडी का नोटिस भेज दिया गया, तीन दिन तक मुझसे लंबी पूछताछ हुई लेकिन मैं आज फिर अल्पंसख्यकों की बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि चाहे जो हो जाए जरूरतमंद और कमजोर तबके के लिए मैं हमेशा आवाज उठाता रहूंगा। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों को एकजुट होना होगा तथा धर्म और राजनीति को अलग रखना होगा।
