पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को निगरानी में ले आईएईए, श्रीनगर में जवानों के बीच पहुंचकर बोले राजनाथ सिंह
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे। यहां श्रीनगर में बदामी बाग आर्मी कैंप में उन्होंने जवानों से मुलाकात की। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तथा पाकिस्तान को उसके हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए रक्षामंत्री ने जवानों की वीरता को सराहा। उन्होंने सैनिकों से कहा कि आपने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया दुश्मन उसे कभी भूल नहीं सकता। आम तौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं लेकिन आपने जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझ-बूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में लिया जाना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों और उनके आकाओं को यह साफ बता दिया है कि वो कहीं भी अपने आप को महफूज ना समझें, वो हमारी सेनाओं के निशाने पर हैं। दुनिया जानती है कि भारतीय सेनाओं का निशाना अचूक है। जब हमारे सैनिक निशाना लगाते हैं तो गिनती करने का काम दुश्मनों पर छोड़ देते हैं। आज आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिज्ञा इतनी कठोर है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की। पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे पाकिस्तान के द्वारा गैर जिम्मेदाराना तरीके से भारत को एटमी धमकियां दी गईं। मैं श्रीनगर की धरती से दुनिया के सामने यह सवाल उठाता हूं कि क्या ऐसे गैरजिम्मेदार देश के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री होने के साथ मैं यहां एक संदेशवाहक के रूप में भी हूं। मैं पूरे देश की शुभकामनाओं, प्रार्थनाओं और कृतज्ञता के साथ यहां आया हूं। एक तरह से मैं एक डाकिया बनकर आपके बीच आया हूं और देशवासियों का संदेश लाया हूं कि हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है। उन्होंने कहा, आतंकवादियों से लड़ते हुए बहादुर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को मैं नमन करता हूं। मैं पहलगाम में मारे गए निर्दोष नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देता हूं। मैं घायल सैनिकों की वीरता को भी सलाम करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हों।
