शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या के बाद बवाल, सुसाइड नोट में दो टीचरों पर मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस सेकेंड ईयर की एक छात्रा ने शुक्रवार रात कॉलेज हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्रा ज्योति शर्मा ने सुसाइड नोट में यूनिवर्सिटी दो टीचरों पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। ज्योति का परिवार गुरुग्राम में रहता है और वो यहां हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस घटना के बाद कॉलेज के छात्र भड़क गए और उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जबर्दस्त किया। पुलिस ने वहां पहुंचकर छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। उधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन दोनों टीचरों को सस्पेंड कर दिया है जिन पर छात्रा ने आरोप लगाए थे। बाद में पुलिस ने दोनों टीचरों को गिरफ्तार कर लिया।
फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और कुछ जरूरी सबूत इकट्ठा किए। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और छात्रा के परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन दो नामजद शिक्षकों को गिरफ्तार किया है उनसे भी पूछताछ की जा रही है। छात्रा की मौत के बाद स्टूडेंट्स और परिजनों में भी गुस्सा है। परिजनों का कहना है कि बच्ची को फेल करने का शिक्षकों के द्वारा दबाव बनाया जाता था।
मृतक छात्रा ने जो सुसाइड नोट छोड़ा उसमें उसने अपनी मौत के लिए महेंद्र सर और शार्ग मैम को जिम्मेदार ठहराया है। छात्रा के मुताबिक इन दोनों टीचरों ने उसे मानसिक तौर पर टॉर्चर किया, उसको अपमानित किया। छात्रा ने आगे कि इन दोनों की वजह से मैं डिप्रेशन में रही। ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि मृतक छात्रा के सुसाइड नोट में जो भी आरोप लगाए हैं उनको ध्यान में रखते हुए टीचरों से पूछताछ की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
