मणिपुर में 6 महीने के लिए बढ़ाया गया राष्ट्रपति शासन, अमित शाह के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को अगले 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय अमित शाह ने लोकसभा में इस प्रस्ताव को पेश किया जिसे मंजूरी मिल गई है। कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसक झड़प और बहुत से लोगों की मौत से आहत होकर मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह के इस्तीफा देने के बाद इसी साल फरवरी में केंद्र सरकार ने वहां राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया था। राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए लगाया जाता है और इसे आगे बढ़ाने के लिए संसद की मंजूरी लेनी होती है। अब चूंकि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लगे हुए 6 महीने 13 अगस्त को पूरे हो रहे हैं, इसलिए सदन में प्रस्ताव लाया गया।
बिरेन सिंह ने 31 दिसंबर 2024 को इंफाल में अपने सरकारी आवास पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि साल 2024 बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। राज्य में हुई हिंसा में कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है और बहुत से लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा, मुझे इस बात का पछतावा है और मैं माफी मांगता हूं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई थी कि नए साल में हालात सामान्य हो जाएंगे मगर इसके बाद अचानक 9 फरवरी को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
हालांकि आज से लगभग दो महीने पहले मणिपुर में सरकार गठन की कवायद शुरू हुई थी। एनडीए के 10 विधायकों ने 28 मई को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की थी। विधायकों ने राज्यपाल को बताया कि उनके पास 44 विधायकों का समर्थन है। राज्यपाल से मिलने वाले विधायकों में बीजेपी के 8, एनपीपी के 1 और 1 निर्दलीय विधायक शामिल थे। राज्यपाल को 22 विधायकों के साइन वाला पत्र भी सौंपा गया थे। विधायकों ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ‘लोकप्रिय सरकार’ बनाने का आग्रह किया था। मगर फिलहाल सरकार गठन को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
