ईरान में भयंकर जल संकट, सांसद मोहसिन अराकी ने बारिश न होने के लिए महिलाओं को ठहराया जिम्मेदार
नई दिल्ली। ईरान में इन दिनों भयंकर जल संकट छाया हुआ है। तेहरान और अन्य क्षेत्रों में काफी कम बारिश होने की वजह से हुई है, पानी की भारी कमी हो गई है। जलाशय सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। गहराते जल संकट को देखते हुए ईरान सरकार के अधिकारियों ने देश की जनता से पानी बचाने की अपील की है। इस बीच ईरान के सांसद मोहसिन अराकी ने सूखे को लेकर एक विवादित और गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है। बारिश न होने के लिए उन्होंने महिलाओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि हिजाब न पहनने वाली महिलाओं की वजह से बारिश नहीं हो रही। अल्लाह ने बारिश को रोककर देश को चेतावनी दी है।
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो तेहरान की जल आपूर्ति सीमित करनी पड़ सकती है। इतना ही नहीं पर्याप्त राशन की व्यवस्था न होने पर शहर को खाली करने पर विचार किए जाने की भी उन्होंने बात कही। हालांकि तेहरान के पूर्व मेयर गुलाम हुसैन करबास्ची ने राष्ट्रपति की बात को व्यवहार्य नहीं माना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले 10 दिनों तक ईरान में बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसको देखते हुए आने वाले दिनों में पानी की समस्या और गहरा सकती है।
सरकार ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए जुर्माना लगाने और उच्च खपत वाले क्षेत्रों में पानी की सप्लाई को सीमित करने की योजना बनाई है। बता दें कि बारिश के अलावा हाल ही में इजरायल के साथ हुए संघर्ष की वहज से भी तेहरान के पुराने जल ढांचे प्रभावित हुए हैं, जिससे जल संकट बढ़ गया है। जो पानी बचा है उसमें अधिकतर उपयोग के लायक नहीं है। इस वजह से स्थानीय नागरिकों को पानी की व्यवस्था करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं।
