दिल्ली कार बम धमाके के मामले में एक्शन में एनआईए, जम्मू-कश्मीर समेत इन 8 जगह मारे छापे
नई दिल्ली। राजधानी में लाल किला के पास 10 नवंबर 2025 की शाम हुए कार बम धमाके के मामले में एनआईए ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर और लखनऊ समेत 8 ठिकानों पर छापे मारे। जम्मू-कश्मीर में एनआईए ने मौलवी इरफान, डॉक्टर आदिल राठर और डॉक्टर मुजम्मिल गनई के घरों पर छापा मारा। जबकि, लखनऊ में डॉक्टर शाहीन सईद से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इन सभी पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मॉड्यूल बनाकर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बम धमाके की साजिश रचने का आरोप है। डॉक्टर शाहीन सईद के बारे में ये कहा जा रहा है कि वो जैश से महिलाओं को जोड़ने की कोशिश कर रही थी।
दिल्ली कार बम धमाका मामले में तमाम गिरफ्तारियां हुई हैं। डॉक्टरों और मौलवियों समेत करीब 10 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एनआईए के मुताबिक जैश के सफेदपोश मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर उमर उन नबी आत्मघाती हमलावर था। दिल्ली में लाल किला के पास कार बम धमाके में डॉक्टर उमर की मौत हो गई थी। 10 नवंबर की शाम करीब 6.50 बजे कार बम धमाके में उमर के अलावा 14 और लोगों ने जान गंवाई थी। जबकि, 25 के करीब लोग घायल हुए थे। गृह मंत्रालय ने कार बम धमाके की जांच एनआईए को सौंपी है।
दिल्ली कार बम धमाके से पहले 10 नवंबर को ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर शाहीन के फरीदाबाद स्थित कमरों पर छापा मारा था। मुजम्मिल के एक किराए के कमरे से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी तादाद में विस्फोटक बरामद किया था। वहीं, खबर ये भी थी कि डॉक्टर शाहीन की कार से एके-47 रायफल मिली थी। जैश के मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों की गिरफ्तारी की शुरुआत अक्टूबर में श्रीनगर से हुई थी। उस वक्त जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉक्टर आदिल राठर को गिरफ्तार कर उसके लॉकर से एके-47 रायफल बरामद की थी। इसके बाद मौलवी इरफान को भी गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली कार बम धमाके के बाद फरीदाबाद से भी एक इमाम को गिरफ्तार किया गया।
