गाजा में सेना भेजने जा रहा पाकिस्तान, लेकिन हमास को निरस्त्र करने पर राजी नहीं
इस्लामाबाद। इजरायल के हमले में ध्वस्त गाजा में अब पाकिस्तान अपनी सेना भेजने जा रहा है। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्रालय संभालने वाले इशाक डार ने इसका एलान किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में मीडिया से बात करते हुए इशाक डार ने कहा कि उनके देश की सेना सिर्फ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश के तहत ही सेना भेजेगा। एक सवाल पर पाकिस्तान के डिप्टी पीएम ने कहा कि उनके देश की सेना हमास को निरस्त्र करने में कोई भूमिका नहीं निभाने जा रही है। डार ने कहा कि पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच बातचीत के बाद गाजा में सेना भेजने का फैसला किया गया।
हमास को निरस्त्र करने के बारे में पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा कि ऐसा करने का मुद्दा सऊदी अरब के रियाद में समाधान पर हुई बातचीत के वक्त उठा था। पाकिस्तान इस तरह की किसी कोशिश में हिस्सा नहीं लेगा। इशाक डार ने कहा कि हमास को निरस्त्र करना पाकिस्तान का काम नहीं है। हम इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमास को निरस्त्र करने की जिम्मेदारी फिलिस्तीन के कानून प्रवर्तन एजेंसियों की है। इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान की जिम्मेदारी गाजा में शांति स्थापित करने की है। उन्होंने ये भी कहा कि गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल का आदेश भी साफ तौर पर निर्धारित किया जाना चाहिए।
पिछले हफ्ते ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती भी शामिल है। पाकिस्तान के अलावा दुनिया की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला इंडोनेशिया ने भी गाजा में 20 हजार सैनिकों को तैनात करने की पेशकश की है। वहीं, हमास ने गाजा संबंधी प्रस्ताव को खारिज किया है। हमास ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय सेना भेजने की निंदा की। साथ ही हमास ने कहा है कि फिलिस्तीन के गुटों को निरस्त्र करने का कोई भी जनादेश उसे मंजूर नहीं है। हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला कर करीब 4000 लोगों की जान ली थी। इसके बाद इजरायल ने हमला कर अब तक करीब 69000 फिलिस्तीनियों को गाजा में मौत की नींद सुलाया है।
