3 राज्यों और 2 केंद्र शासित क्षेत्रों में 1 करोड़ वोटर के चुनाव आयोग ने काटे नाम
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 3 राज्यों और 2 केंद्र शासित क्षेत्रों में वोटरों के गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट से पता चलता है कि इन राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में जहां पहले 13.36 करोड़ वोटर थे। वहीं, एसआईआर के बाद अब 12.32 करोड़ वोटर रह गए हैं। यानी करीब 1 करोड़ वोटर के नाम कट चुके हैं। इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नए वोटर भी शामिल हैं। जिन्होंने फॉर्म-6 भरकर नाम जोड़ने का आवेदन किया था। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 7.66 करोड़ वोटर के एसआईआर के बाद 7.08 करोड़ वोटर बचे। यानी 58 करोड़ वोटर के नाम कटे हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक राजस्थान में एसआईआर से पहले 5.48 करोड़ वोटर दर्ज थे। इनमें से अब 5.04 करोड़ के नाम आए हैं। यानी यहां 44 लाख वोटर के नाम कटे हैं। गोवा में 11.85 लाख वोटर में से एसआईआर के बाद अब 10.84 लाख वोटर बचे हैं। गोवा में 1.01 लाख वोटर के नाम काटे गए हैं। पुदुचेरी में पहले 10.21 लाख वोटर थे। एसआईआर के बाद यहां 9.18 लाख वोटर के नाम लिस्ट में हैं। यानी यहां 1.03 लाख वोटर के नाम काटे गए हैं। जबकि, लक्षद्वीप में एसआईआर से पहले 58000 वोटर थे। यहां अब 56384 वोटर बचे हैं। यानी एसआईआर के बाद लक्षद्वीप में करीब 2000 वोटर कम किए गए हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक जिन वोटर के नाम कटे हैं, उनको एएसडी लिस्ट में रखा गया है। ये लिस्ट मृत, दोहरे और अपने क्षेत्र से दूसरी जगह स्थायी तौर पर चले गए वोटरों की बनाई गई है। फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करने से पहले एएसडी लिस्ट में शामिल वोटरों को मौका दिया जाएगा कि वे अपना पक्ष डीईओ और ईआरओ के सामने रख सकें। अगर वे साबित कर देते हैं कि उनका नाम गलत कटा है, तो फिर फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने 4 नवंबर से 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित क्षेत्रों में एसआईआर शुरू कराई थी। इससे पहले बिहार में चुनाव आयोग ने एसआईआर कराया था। चुनाव आयोग बाकी बचे राज्यों में भी अगले साल एसआईआर पूरा कराने वाला है।
