लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी समेत अन्य कई लोगों पर आरोप तय
नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लाल प्रसाद यादव और उनके परिजनों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने लालू की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके दोनों बेटों पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व मंत्री तेज प्रताप, दो बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव समेत कुल 40 लोगों पर भी आरोप तय किए हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया जमीन के बदले नौकरी देने की साजिश के संकेत मिल रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कुल 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 38 वो लोग थे जिन्होंने जमीन देकर नौकरी पाई थी। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आज अपना फैसला सुनाते हुए 52 आरोपियों को बरी कर दिया है। आरोप तय होने के बाद लालू और उनके परिवार के सदस्यों समेत अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले लालू यादव ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी मगर जुलाई 2025 में उनकी याचिका खारिज हो गई थी। यह घोटाला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी की नौकरियों में लोगों को भर्ती करने के बदले उनकी जमीन सस्ते दामों पर ले ली गई थी। जमीन हस्तांतरण के लिए एबी एक्सपोर्ट्स और एके इन्फोसिस्टम्स नाम की दो कंपनियों का इस्तेमाल हुआ। बाद में इन दोनों कंपनियों को लालू यादव के परिजनों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
