उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप को दिल्ली हाईकोर्ट ने सरेंडर करने का दिया आदेश
नई दिल्ली। उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। जयदीप ने स्वास्थ्य संबंधी हवाला देते हुए अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग वाली याचिका कोर्ट में दाखिल की थी जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जयदीप को कल यानी शनिवार तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने जयदीप की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट मंगाई है। इस मामले पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनका भाई जयदीप दोनों को ही ट्रायल कोर्ट ने 10-10 साल की सजा हुई है।
जयदीप ने याचिका में दावा किया है वो मुंह के ‘एडवांस्ड स्टेज कैंसर’ से पीड़ित है। उसके कैंसर के दोबारा उभरने के लक्षण दिख रहे हैं, इसके लिए उसे तत्काल उपचार की जरूरत है। कोर्ट ने फिलहाल राहत देने से इनकार करते हुए चिकित्सा आधार पर दी गई मुख्य अंतरिम जमानत याचिका पर 24 फरवरी को दोबारा सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इससे पहले कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई ने दिल्ली हाईकोर्ट में सजा को चुनौती देते हुए जमानत याचिका दाखिल की थी। वहां से अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली। 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर की याचिका पर कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि वो ट्रायल कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ दोषी की याचिका पर तीन महीने में फैसला करे। दूसरी तरफ रेप पीड़ित की ओर से कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की मांग की अर्जी भी दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
