March 3, 2026

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सरकार का दावा क्रायोजेनिक टैंकरों के लिए ग्लोबल टेंडर करने वाला पहला प्रदेश बना यूपी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि देश में क्रायोजेनिक टैंकरों के लिए ग्लोबल टेंडर करने वाला यूपी पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर तकनीक का इस्तेमाल कर ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए 24 घंटे साफ्टवेयर आधारित कंट्रोल रूम, ऑक्सीजन टैंकरों में जीपीएस और ऑक्सीजन के वेस्टेज को रोकने के लिए सात प्रतिष्ठित संस्थाओं से ऑडिट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से ऑक्सीजन मंगाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस और वायु सेना के जहाजों की भी सहायता ली जा रही है। ऑक्सीजन की और बेहतर उपलब्धता के लिए यूपी बन गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने आज सरकारी आवास पर टीम 9 की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मई को एक दिन में सर्वाधिक 823 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस सतत गतिशील है। 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ट्रेन भी जामनगर से आने वाली है। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति हर रोज बेहतर हो रही है। पहले 64 ऑक्सीजन टैंकर थे, जो अब बढ़कर 89 ऑक्सीजन टैंकर हो गए हैं। केंद्र सरकार ने भी प्रदेश को 400 मीट्रिक टन के 14 टैंकर दिए हैं। रिलायंस और अडानी जैसे निजी औद्योगिक समूहों की ओर से भी टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन के संबंध में टैंकरों की संख्या और बढ़ाने की जरूरत है। क्रायोजेनिक टैंकरों के संबंध में ग्लोबल टेंडर करने की कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने आज सरकारी आवास पर टीम 9 की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मई को एक दिन में सर्वाधिक 823 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस सतत गतिशील है। 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ट्रेन भी जामनगर से आने वाली है। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति हर रोज बेहतर हो रही है। पहले 64 ऑक्सीजन टैंकर थे, जो अब बढ़कर 89 ऑक्सीजन टैंकर हो गए हैं। केंद्र सरकार ने भी प्रदेश को 400 मीट्रिक टन के 14 टैंकर दिए हैं। रिलायंस और अडानी जैसे निजी औद्योगिक समूहों की ओर से भी टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन के संबंध में टैंकरों की संख्या और बढ़ाने की जरूरत है। क्रायोजेनिक टैंकरों के संबंध में ग्लोबल टेंडर करने की कार्यवाही की जाए।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन वेस्टेज को न्यूनतम करने के उद्देश्य से प्रदेश की सात प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सहयोग से ऑक्सीजन ऑडिट कराया गया है। हर जिले के लिए ऑक्सीजन के संबंध में पृथक कार्य योजना तत्काल तैयार की जाए। चीनी मिलों द्वारा जेनरेट किया जा रहा ऑक्सीजन समीपस्थ सीएचसी को सीधे आपूर्ति दी जाए।

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