ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखी तीन शर्तें, क्या मानेंगे डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू?
नई दिल्ली। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज 13वां दिन है और अभी भी तनाव जस का तस बना हुआ है। ईरान के हमलों की वजह से मिडिल ईस्ट में भारी नुकसान पहुंचा वहीं अन्य वैश्विक देशों में ऊर्जा आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है जो धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। इस सबके बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि उनके देश के कानूनी अधिकारों को मान्यता, युद्ध में हुए नुकसान का हर्जाना देने और भविष्य में हमला न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए तो ईरान की ओर से युद्ध खत्म हो सकता है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा, रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए, मैंने क्षेत्र में शांति के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराया। जायोनी शासन और अमेरिका द्वारा भड़काए गए इस युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र तरीका ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में होने वाले आक्रमणों के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना है। इससे पहले भी ईरान की ओर से यह कहा गया था कि वो शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए युद्ध की शुरुआत करने के जिम्मेदार देशों (अमेरिका और इजरायल) को जवाबदेह ठहराया जाना जरूरी है। ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए उनसे माफी भी मांगी थी।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि यह युद्ध हम पर थोपा गया है, हम आक्रमण के शिकार हैं और हम अपनी रक्षा कर रहे हैं। ईरानी राष्ट्रपति की ओर से युद्ध खत्म करने की शर्तें रखने की कूटनीतिक पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा था कि ईरान को बिना शर्त समर्पण करना होगा, उसके साथ कोई समझौता नहीं हो सकता है। अब देखना यह होगा कि ईरानी राष्ट्रपति की शर्तों पर ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का क्या रिएक्शन होता है।
