ईरान ने इराक की सीमा में मौजूद अमेरिकी जहाज पर हमला किया, भारतीय क्रू मेंबर की गई जान
बगदाद। इराक में अमेरिकी जहाज पर ईरान के हमले में उस पर तैनात भारत के एक और क्रू मेंबर को जान गंवानी पड़ी है। बीते दिनों भी एक जहाज पर ईरान के हमले से भारतीय मूल के कैप्टन और एक क्रू मेंबर की जान गई थी। ताजा घटना इराके खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुई है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका का तेल टैंकर जहाज सेफसी विष्णु बंदरगाह के पास था। इस जहाज पर मार्शल द्वीपसमूह का झंडा लगा है। इराक की जल सीमा में आत्मघाती नाव से सेफसी विष्णु जहाज पर हमला किया गया। इससे उस पर तैनात भारतीय की जान चली गई। जहाज पर मौजूद बाकी 27 क्रू मेंबर्स को बचाकर इराक के बसरा ले जाया गया है।
इससे पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में 1 मार्च 2026 को स्काइलाइट नाम के टैंकर जहाज पर हमला किया था। उस हमले में स्काइलाइट पर तैनात भारत के कैप्टन आशीष कुमार और दिलीप को जान गंवानी पड़ी थी। आशीष कुमार का घर बिहार के बेतिया में है। जबकि, दिलीप का घर राजस्थान के नागौर में है। जिस वक्त ईरान ने ड्रोन से स्काइलाइट पर हमला किया था, आशीष कुमार और दिलीप जहाज के इंजन रूम में थे। काफी तलाश के बाद आशीष का शव मिला था। वहीं, ईरान के हमले के बाद दिलीप लापता थे और उनको भी मृत मान लिया गया। इराक में अमेरिका के जहाज पर ईरान के हमले के बाद युद्ध में बिना वजह जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या तीन हो गई है।
ईरान ने कहा है कि वो होर्मुज स्ट्रेट से होकर अमेरिका, इजरायल और इन दोनों के दोस्त देशों के जहाजों को गुजरने नहीं देगा। ईरान की धमकी की वजह से होर्मुज से होकर जहाज नहीं गुजर रहे, लेकिन ईरान की सेना अन्य खाड़ी देशों की समुद्री सीमा में खड़े तेल टैंकर जहाजों को भी निशाना बना रही है। ईरान ने अब तक पांच जहाजों को ड्रोन, मिसाइल और आत्मघाती नाव से निशाना बनाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज से जहाजों को गुजारने के लिए उनके देश की नौसेना सुरक्षा देगी, लेकिन अब तक ये सुरक्षा नहीं मिली है।
