March 3, 2026

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UP में ओवैसी की एंट्री से बौखलाए टिकैत भूले शब्दों की मर्यादा, AIMIM प्रमुख को बताया BJP का बेलगाम सांड

नई दिल्ली। विगत एक वर्ष से किसान आंदोलन की वजह से केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की सक्रियता थमने का नाम नहीं ले रही है। अब वे नई मांगों के साथ आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। अपनी मांगों के सदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने सरकार से अपनी सभी मांगों पर विचार करने की अपील की है। लेकिन अब यह कहने में किसी को कोई गुरेज नहीं होना चाहिए अन्नदाताओं के कर्ता धर्ता के रूप में विख्यात हो रहे टिकैत अब किसान आंदोलन के बहाने अपने लिए राजनीति में जगह तलाशने की जुगत में जुटे चुके हैं। ऐसा हम नहीं या कोई सियासी पंडित नहीं, बल्कि हाल ही में दिए जा रहे उनके बयान इसे जाहिर कर रहे हैं कि वे किसान आंदोलन के बहाने अपने लिए सत्ता में  जगह तलाशने की जुगत में जुट चुके हैं।

अभी उनके कल के ही बयान को देख लीजिए, जिसमें उन्होंने तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से बीजेपी को वोट न करने की अपील की है। अब सवाल यह है कि आखिर वे किस हक से लोगों को बीजेपी को वोट न देने की अपील कर रहे हैं। अगर कांग्रेस, सपा या बसपा या कोई सियासी अन्य लोगों से बीजेपी को वोट न करने की अपील करतें हैं, तब तो बात भी समझ में आती है, लेकिन अपने आपको किसानों का हितैषी कहने वाले राकेश टिकैत जब उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए लोगों से बीजेपी को वोट देने की अपील करेंगे तो सवाल खड़े होंगे ही। इसके अलावा उन्होंने हर मसले को लेकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बीजेपी का सांड है। यह बीजेपी को जीताने में मदद करता है। इसे आप लोग हैदराबाद में ही बांध कर रखिए।

गौरतलब है कि उनका यह बयान अभी हाल ही में ओवैसी द्वारा उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान करने पर आया है। इस बात में कोई दोमत नहीं है कि ओवैसी ने यूपी में एंट्री के बाद से सपा बसपा के वोट बैंक में सेंध लगी है, जिसका नुकसान उन्हें आने वाले दिनों में हो सकता है। राकेश टिकैत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप उसे पकड़ कर रखिए और यह पता लगाने की कोशिश करिए कि वो क्या करता है और कहां जाता है और कैसे बीजेपी को जीताने में मदद करता है। यह सब पता लगाना बहुत ही जरूरी है।  हालांकि, यह कोई पहली मर्तबा नहीं है कि जब किसी ने ओवैसी पर बीजेपी को जीताने का आरोप लगाया है, बल्कि इससे पहले भी कई मौकों पर उन पर बीजेपी  को जीताने के आरोप लगाए जा चुके हैं। उन्हें सियासी गलियारों में बीजेपी की बी टीम या चचा जान कहा जाता है। अब ऐसी स्थिति में उत्तर समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले राकेश टिकैत के इन बयानों को देखकर यह कहने में किसी को कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि किसान आंदोलन के बहाने अपने लिए सत्ता में जमीन तलाश रहे हैं।

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