पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। खेड़ा की याचिका को आज हाईकोर्ट बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के लिए पंजीकृत किया गया। दरअसल पवन खेड़ा के द्वारा असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद असम सीएम की पत्नी रिनिकी ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज कराया था।
7 अप्रैल को असम पुलिस पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर उनसे पूछताछ के लिए गई थी, मगर वह उस वक्त वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद खेड़ा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय में ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 अप्रैल को उन्हें एक सप्ताह तक अग्रिम जमानत दे दी थी ताकि वो असम की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर सकें। असम पुलिस ने तेलंगाना हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के 10 अप्रैल के आदेश पर रोक लगा दी।
इसके बाद पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया और उसके पूर्व के आदेश को वापस लेने की मांग थी। हालांकि, 17 अप्रैल सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर लगे स्टे ऑर्डर को हटाने से इनकार कर दिया और ट्रांजिट बेल की अवधि बढ़ाने से भी मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने कांग्रेस नेता को अग्रिम जमानत के लिए असम की अदालत में जाने की सलाह दी थी। बेंच ने कहा था कि इस मामले का अधिकार क्षेत्र असम की अदालत के पास है इसलिए आपको वहीं याचिका दायर करनी चाहिए।
