मालवीय नगर अग्निकांड घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश, महापौर ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, 21 लोगों की हुई है मौत
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधु ने संबंधित अधिकारियों के साथ घटना का रिव्यू करने के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग की। वहीं दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर तीन दिन के भीतर घटना की जांच की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इस घटना में 21 लोगों की मौत हुई है जबकि कई अन्य घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों में मृतकों में 6 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं जबकि 6 की पहचान नहीं हो पाई है।
दिल्ली पुलिस ने इस घटना के संबंध में गैर-इरादतन हत्या और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि जिस होटल बिल्डिंग में आग लगी उसके पास फायर एनओसी भी नहीं थी। इसके अलावा पूरी इमारत में केवल एक ही लिफ्ट और उसके बगल में एक ही सीढ़ी थी। बिल्डिंग 80 के दशक में बनी थी और धीरे-धीरे अवैध तरीके से बिल्डिंग में एक के बाद एक फ्लोर बनाए गए।
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा उन पर जल्द ही सख्त कार्रवाई होगी। आग बुझाते समय 10 दमकलकर्मी भी घायल हुए हैं जिनको दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वालों में 8 लोग एक ही परिवार के हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। आग लगने के बाद कई लोग अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए।
