ट्रंप ने कनाडा पर क्यों लगाया 50 फीसदी टैरिफ?, दोनों देशों के बीच तनातनी के आसार
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले ज्यादातर सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। शराब, डेयरी उत्पाद और ऑटोमोबाइल में भेदभाव करने का आरोप लगाकर कनाडा पर टैरिफ बम फोड़ा गया है। कनाडा पर ट्रंप का ये टैरिफ एक महीने में लागू होगा। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ट्रंप की ओर से लगाए इस टैरिफ का विरोध किया है। ऐसे में अमेरिका और कनाडा के बीच फिर तनातनी के आसार हैं। पहले भी जब ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगाया था, तब मार्क कार्नी सरकार ने भी पलटवार कर अमेरिका पर टैरिफ लगा दिया था।
ट्रंप कई बार कनाडा और कार्नी पर निशाना साध चुके हैं। ट्रंप ने एक बार कनाडा को ये ऑफर भी दिया था कि वो अमेरिका का 51वां राज्य बन जाए। व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका में बनी कारों, डेयरी उत्पादों और शराब पर कनाडा एक जैसा व्यवहार नहीं करता। अमेरिका के कारोबार की सुरक्षा के लिए कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ लगाना जरूरी हो गया था। कनाडा से आने वाली हॉकी स्टिक से लेकर सीमेंट और रोजमर्रा इस्तेमाल की चीजों पर टैरिफ लगा है। ऊर्जा, जरूरी खनिज, मछली और पोटाश को ट्रंप ने टैरिफ से बाहर रखा है। ये टैरिफ उन सभी चीजों पर भी लागू होगा, जो अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत आते हैं।
ट्रंप ने पहले ही कनाडा से आयात किए जाने वाले स्टील, तांबे और एल्युमिनियम पर 15 से 50 फीसदी टैरिफ लगाए थे। इसके अलावा कनाडा की खास किस्म की लकड़ी पर 35 फीसदी और कारों में इस्तेमाल किए जाने वाले उन पुर्जों पर भी ट्रंप ने 25 फीसदी टैरिफ लगाया, जो अमेरिका में नहीं बने। वहीं, कनाडा भी अमेरिका के स्टील, कुछ गाड़ियों और एल्युमिनियम पर 25 फीसदी टैरिफ लगाता है। ट्रंप ने ये भी कहा था कि कनाडा के जंगलों में लगी आग का धुआं अगर अमेरिका के शहरों तक पहुंचा, तो वो पड़ोसी देश पर टैरिफ लगाएंगे। कनाडा और अमेरिका के हमेशा काफी करीबी रही है। कनाडा और अमेरिका रणनीतिक और सुरक्षा के साझेदार भी हैं। दोनों ही नाटो के सदस्य हैं, लेकिन टैरिफ ने अब अमेरिका और कनाडा की दोस्ती में खटास ला दी है।
