मोदी सरकार ने किसानों की एक और मांग मानी, आंदोलनकारियों पर लगे केस होंगे वापस
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने किसानों की एक और मांग मान ली है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे आंदोलनकारी किसानों पर लगाए गए केस वापस लें। ये निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी किए हैं। मोदी सरकार पहले ही कृषि कानून वापस ले चुकी है और पराली जलाने पर केस न करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर चर्चा करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा SKM को पांच सदस्यों के नाम देने के लिए भी कहा है।
बता दें कि किसानों की मुख्य मांगों को मोदी सरकार ने पूरा कर दिया है। एक साल तक आंदोलन चलने के बाद बीती 19 नवंबर को गुरुनानक जयंती के मौके पर खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कृषि कानून वापस लेने का एलान किया था। 29 नवंबर को संसद सत्र के पहले ही दिन बिल लाकर तीनों कृषि कानून वापस ले लिए गए। इसके बाद पराली पर भी आदेश जारी किया गया। जबकि, केस वापस लेने के बारे में मंगलवार को निर्देश जारी किए गए।
बावजूद इसके किसान नेता राकेश टिकैत अपने हठ पर अड़े हुए हैं। राकेश टिकैत ने मंगलवार को बात करते हुए साफ कर दिया था कि किसी सूरत में आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। टिकैत ने पंजाब के 42 किसान संगठनों की ओर से आंदोलन वापस लिए जाने की तैयारी के बारे में आई खबरों को गलत बताया था। इतना ही नहीं, उन्होंने इसका ठीकरा भी मोदी सरकार पर फोड़ा था कि सरकार ही ये गलत खबरें उड़ा रही है।
राकेश टिकैत ने बातचीत के दौरान ये आरोप भी लगाया था कि बीते दिनों निहंगों को सरकार ने ही पैसा देकर एक शख्स की हत्या कराई थी। जबकि, हकीकत ये है कि जिन निहंगों ने हत्या की, वे किसान आंदोलन से काफी समय से जुड़े रहे थे। बहरहाल, अब देखना ये है कि किसानों की ज्यादातर मांगें पूरी होने के बाद 4 दिसंबर को मीटिंग में आंदोलन वापसी का फैसला होता है या नहीं।
