कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, बरकरार रहेगी उम्रकैद की सजा
नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले जिसमें सेंगर की सजा को निलंबित किया गया था, उसको रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले को दोबारा सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट भेजा है। साथ ही उच्च न्यायालय को यह निर्देश दिया है कि दो महीने के भीतर इस मामले की सुनवाई पूरी करके नए सिरे से फैसला किया जाए।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कुछ कानूनी सवालों पर विस्तृत विचार जरूरी है इसलिए इस मामले में फिर से सुनवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए दिसंबर 2019 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही सेंगर पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। वहीं दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत मामले में भी सेंगर को दोषी पाया गया और इसमें उनको अतिरिक्त 10 साल की सजा हुई। सेंगर ने रेप केस में निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जहां से उनकी सजा को मामले के निपटारे तक निलंबित कर दिया गया था और उनको जमानत भी मिल गई थी।
हालांकि पीड़िता के पिता की मौत मामले में मिली सजा की वजह से सेंगर की रिहाई नहीं हो पाई थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कुलदीप सेंगर सात साल से अधिक समय से जेल में है। उसकी अपील पर सुनवाई में काफी ज्यादा वक्त लग रहा है ऐसे में सेंगर के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। मगर अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर से इस केस की नए सिरे से सुनवाई होगी। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा है।
