आने वाले वक्त में 25 रुपए लीटर कीमत वाले ईंधन से चलेंगी गाड़ियां!, जानिए क्या बोले परिवहन मंत्री नितिन गडकरी
नागपुर। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में कहा कि हमारे किसान देश के लिए ऊर्जा और ईंधन देने वाले बन गए हैं। गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि जिस गाड़ी से वो पहुंचे, वो 100 फीसदी बायोएथेनॉल पर चलती है। परिवहन मंत्री ने कहा कि एथेनॉल की कीमत 65 रुपए प्रति लीटर है। ये गाड़ी चलते वक्त 60 फीसदी बिजली भी बनाती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के मुकाबले इस गाड़ी पर खर्च करीब 25 रुपए प्रति लीटर आता है। नितिन गडकरी ने बताया कि पर्यावरण दिवस पर दिल्ली में मारुति सुजुकी 100 फीसदी एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां लॉन्च करने वाली है। पहले से ही कई कंपनियों ने ऐसी गाड़ियां लॉन्च की हैं।
दरअसल, ईरान युद्ध के बाद से ही कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट आया हुआ है। ईरान की ओर से होर्मुज बंद करने और फिर अमेरिका की नाकेबंदी की वजह से होर्मुज से भारत को कच्चा तेल और एलपीजी मंगाने में दिक्कत हो रही है। होर्मुज के रास्ते भारत अपने कुल आयात का 20 फीसदी कच्चा तेल लेता था। अब भारत को अफ्रीका, अमेरिका, रूस और अन्य देशों से कच्चा तेल आयात करना पड़ रहा है। इससे उसका ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ा है। जबकि, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा पहुंचा है। कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से भारत को ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ रही है। इस वजह से बीते तीन दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमत तीन बार बढ़ानी पड़ी है। इसके बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों को अब भी हर रोज 750 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।
बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की थी कि वे पेट्रोल, डीजल वगैरा का कम इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने ये अपील भी की थी कि अगर कार चलाना जरूरी ही हो, तो उसका इस्तेमाल करने वाले कार पूलिंग यानी एक ही रास्ते जाने वाले ज्यादा लोगों को साथ ले जाएं। पीएम मोदी समेत कई मंत्रियों और बीजेपी शासित राज्यों के सीएम और मंत्रियों ने पेट्रोल-डीजल पर आए संकट को देखते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या भी कम की है। हालांकि, आम जनता जब तक पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम नहीं करती, भारत पर महंगी दर पर इनके आयात का दबाव बना रहेगा। जिससे विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार कम होता जाएगा।
