दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को हाईकोर्ट से मिली तीन दिन की अंतरिम जमानत
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। उमर खालिद एक जून से तीन जून तक जेल से बाहर रह सकेगा ताकि वह अपनी मां की सर्जरी के दौरान उनके साथ रह सके। 2 जून को उमर खालिद की मां का ऑपरेशन होना है। दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को जेल से बाहर आने के लिए एक लाख रुपए का जमानती बांड भरना होगा और कोर्ट की शर्तों का पालन करना होगा। इससे पहले दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 19 मई को उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मां की देखभाल के लिए परिवार में और लोग भी हैं।
अदालत ने उमर खालिद को दिल्ली में अपने घर और उस अस्पताल जहां उनकी मां की सर्जरी होगी सिर्फ इन्हीं दो जगहों पर जाने की इजाजत दी है। जेल से बाहर रहने के दौरान उमर खालिद के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर जाने पर रोक रहेगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जेल से बाहर रहने के दौरान उमर खालिद सिर्फ एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सकेगा उसकी पूरी जानकारी पुलिस और जांच एजेंसी को देनी होगी। कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए उमर खालिद ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट में जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मानवीय आधार पर उमर खालिद की अर्जी को स्वीकार करते हुए उनको तीन दिन की राहत प्रदान कर दी है।
उमर खालिद ने अपनी मां की सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल और अपने मरहूम चाचा के चेहल्लुम (चालीसवें) की रस्म में शामिल होने के लिए कोर्ट से 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। इससे पहले उमर खालिद को अपनी बहन की शादी में शिरकत करने के भी अंतरिम जमानत दी गई थी। उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2020 में हुए दिल्ली दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे।
