कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की फिर से होगी जांच, हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश
नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में फिर से जांच होगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर (ईस्टर्न जोन) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है और 25 जून तक जांच रिपोर्ट मांगी है। दरअसल पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की गई थी और इस वजह से मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई।
पीड़ित परिवार की अपील पर कोर्ट ने सीबीआई को घटना वाली रात पीड़िता के खाना खाने से लेकर उसके अंतिम संस्कार तक के पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि एसआईटी को इस बात की जांच करनी है क्या सच में सबूतों से छेड़छाड़ कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता का भरोसे का सवाल भी जुड़ा हुआ है।
आपको बता दें कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की तीसरी मंजिल पर सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। बलात्कार के बाद उसकी हत्या का दावा किया गया था। देशभर में इस मामले ने बहुत तूल पकड़ा था और कई प्रदेशों के सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर लंबी हड़ताल पर चले गए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सियालदह कोर्ट ने 20 जनवरी 2024 को आरोपी संजय रॉय को दोषी ठहराते हुए मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
