पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को पकड़ने का सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दिया आदेश, गिरफ्तार कर बीएसएफ के जरिए डिपोर्ट किए जाएंगे
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सीएम पद पर बैठने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी लगातार बड़े फैसले कर रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल के डीजीपी को कहा है कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें पकड़ें और बीएसएफ के हवाले करें। शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को बीएसएफ के अफसरों से बैठक के बाद ये एलान किया। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मई 2025 को घुसपैठियों को गिरफ्तार कर बीएसएफ को सौंपने का निर्देश दिया था, लेकिन टीएमसी सरकार ने तुष्टीकरण के कारण ऐसा नहीं किया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि घुसपैठियों के लिए डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि पश्चिम बंगाल से सटी बांग्लादेश की सीमा 2200 किलोमीटर लंबी है, लेकिन 569 किलोमीटर जमीन पर बाड़ नहीं लग सकी है। उन्होंने 27 किलोमीटर में 75 एकड़ जमीन बीएसएफ को दी है। जिस पर अब बाड़ लगाने का काम किया जाएगा। बाकी बची जमीन भी 45 दिन के भीतर बीएसएफ को दी जाएगी। जिसका आदेश शुभेंदु अधिकारी पहले ही मुख्य सचिव और राजस्व सचिव को दे चुके हैं। सीएम शुभेंदु अधिकारी की ओर से घुसपैठियों से संबंधित निर्देश दिए जाने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों के थानों को अलर्ट किया है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित होकर जो हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई वगैरा भारत आए हैं। उनमें से कोई अगर पश्चिम बंगाल में रह रहा है, तो उसे डरने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि जो लोग 31 दिसंबर 2024 से पहले भारत आए, उनको सीएए के तहत नागरिकता दी जाएगी। उनको पुलिस परेशान या गिरफ्तार नहीं करेगी। बता दें कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद सीएए लागू करने का एलान भी शुभेंदु अधिकारी ने किया था। इससे पहले ममता बनर्जी ने सीएम रहते सीएए के खिलाफ अभियान छेड़ रखा था। उन्होंने कहा था कि सीएम रहते पश्चिम बंगाल में सीएए लागू नहीं होने दूंगी। इसी वजह से राज्य में सीएए लागू करने को ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल रखा था।
