पहलगाम आतंकी हमला मामले में एनआईए ने किए बड़े खुलासे, चार्जशीट के मुताबिक लाहौर से लश्कर का सैफुल्लाह दे रहा था दहशतगर्दों को निर्देश
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को भीषण आतंकी हमले में 26 हिंदू पर्यटकों का धर्म पूछकर हत्या की गई थी। इस बड़े आतंकी हमले के मामले में एनआईए ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में कई खुलासे किए गए हैं। एनआईए ने बताया है कि पहलगाम हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ है। एनआईए ने चार्जशीट में कहा है कि लाहौर से पहलगाम आतंकी हमले का संचालन किया जा रहा था।
एनआईए ने चार्जशीट में कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए साजिश रचने का काम लश्कर के आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा ने किया। वो लाहौर में बैठकर पहलगाम हमला करने वाले दहशतगर्दों को निर्देश दे रहा था। एनआईए ने कहा है कि पहलगाम में हमले से पहले 15 और 16 अप्रैल को सैफुल्लाह ने फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी नाम के आतंकियों को बैसरन घाटी जाने के लिए कहा। तीनों ने वहां पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों के आने जाने की रेकी की। इस हमले में स्थानीय परवेज और बशीर अहमद ने लश्कर के आतंकियों की मदद की थी।
एनआईए ने चार्जशीट में कहा कि पहलगाम में खून-खराबा के बाद जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश हुई। पाकिस्तानी आतंकियों ने ये फैलाया कि भारत ने ही अपने लोगों को हमला कराया। वहीं, बैसरन घाटी में 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या के बाद द रेजिस्टेंट फ्रंट ने एक टेलीग्राम चैनल पर इसकी जिम्मेदारी ली, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब मामला उठा, तो उसने बयान बदल लिया और कहा कि टेलीग्राम चैनल हैक कर किसी ने ये दावा कर दिया। टेलीग्राम एप पर कश्मीर फाइट चैनल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से चलाया जा रहा था। वहीं, द रेजिस्टेंस फ्रंट ऑफिशियल नाम का टेलीग्राम चैनल पाकिस्तान के रावलपिंडी से चलाया जा रहा था। एनआईए ने कहा है कि पहलगाम हमले को करने वाले आतंकियों ने लाहौर और कराची से मोबाइल फोन खरीदे थे।
