होर्मुज पर ईरान का नया पैंतरा, नया मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया तय किया
तेहरान। परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर अमेरिका से युद्ध लड़ने वाले ईरान ने अब होर्मुज स्ट्रेट पर नया पैंतरा चला है। ईरान की पर्शियन गल्फ अथॉरिटी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों के आने-जाने के लिए नया नियम जारी किया है। ईरान ने नए नियम के तहत होर्मुज में नया मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया तय किया है। अब होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों को फारस की खाड़ी जलमार्ग प्रबंधन से समन्वय और मंजूरी जरूरी होगी।
ईरान सरकार की ओर से तय नए नियमों में ये प्रबंधन इलाका पूर्व में ईरान के कुह मुबारक से लेकर यूएई के फुजैराह के दक्षिण तक तय किया गया है। वहीं, पश्चिम में ईरान के केश्म द्वीप के आखिरी छोर से यूएई के अल-कैवेन को जोड़ने वाली रेखा तक ये तय हुआ है। ईरान पहले से ही होर्मुज पर अपना पूरा नियंत्रण चाहता रहा है। ईरान ने पहले ये भी कहा था कि होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों से वो टोल लेगा। वहीं, ईरान के होर्मुज के बारे में दावों और मांग को अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानने से इनकार करता रहा है। भारत ने भी कहा है कि होर्मुज से बिना किसी बाधा के जहाजों को गुजरने देना चाहिए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ये कहते रहे हैं कि होर्मुज में ईरान कोई बाधा न डाले। ट्रंप ने एक बार ये दावा भी किया कि अमेरिका की नौसेना ने होर्मुज में प्रवेश कर कई जहाजों को निकाला। उसके बाद भी जब ईरान के तेवर नरम नहीं पड़े, तो ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों पर जहाजों के आने-जाने को रोकने के लिए नाकेबंदी लगा दी। वहीं, ईरान की तरफ से होर्मुज और आसपास के इलाकों में जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। ऐसे हमलों की वजह से भारत के भी दो जहाज वहां डूब चुके हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को हमले शुरू किए थे। जिसके बाद दोनों पक्षों में 39 दिन तक युद्ध चला। फिर ट्रंप ने 8 अप्रैल को अपनी तरफ से युद्धविराम का एलान किया।
