‘ये कोई नई बात थोड़ी है…भारत सपेरों का देश रहा है’, अखिलेश यादव का विवादित बयान
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने लखनऊ में विवादित बयान दिया। अखिलेश यादव के इस बयान से सियासत भी गर्मा सकती है। नॉर्वे के एक अखबार ने पीएम मोदी को सपेरा दिखाते हुए कार्टून छापा है। इस बार में अखिलेश यादव से पत्रकारों ने सवाल पूछा। इस सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा- ‘भारत स्नेक चार्मर्स का देश रहा है। ये कोई नई बात थोड़ी है। ये तो विश्वगुरु और भारतीय जनता पार्टी को सोचना चाहिए कि अच्छी बात है कि खराब बात है। वैसे तो हमारा देश स्नेक चार्मर्स का देश रहा है। सपेरों का देश रहा है।’
नॉर्वे के अखबार ‘आफेनपोस्टेन’ Aftenposten के एक लेख में पीएम मोदी को सपेरे की तरह बीन बजाते दिखाया गया। जबकि, उनके सामने पेट्रोल पंप का पाइप सांप की तरह दिखाया गया। नॉर्वे के अखबार ने इस लेख की हेडलाइन ‘चतुर लेकिन परेशान करने वाला व्यक्ति’ लिखा। नॉर्वे के अखबार में इस हेडलाइन के साथ पीएम मोदी को सपेरे जैसा दिखाए जाने पर सोशल मीडिया गर्माया हुआ है। तमाम यूजर्स नॉर्वे के अखबार आफेनपोस्टेन को जमकर खरी-खोटी सुना रहे हैं। अखबार को नस्लीय और रूढ़िवादी विचारधारा का बताया जा रहा है। अब अखिलेश यादव की तरफ से भारत को सपेरों का देश कहे जाने पर भी माहौल गर्माने के पूरे आसार हैं।
बता दें कि ये पहला किस्सा नहीं, जब विदेशी मीडिया ने भारत या यहां के नेताओं के बारे में अमर्यादित भाषा और चित्र-कार्टून का इस्तेमाल किया है। स्पेन के अखबार ‘ला वैनगार्डिया’ ने 2022 में भारत की आर्थिक तरक्की दिखाने के लिए सपेरे वाली तस्वीर छापी थी। ला वैनगार्डिया को भी इस पर लोगों से खरी-खोटी सुननी पड़ी थी। वहीं, पीएम मोदी पश्चिमी मीडिया में भारत की ऐसी छवि दिखाए जाने पर अपने ही अंदाज में जवाब देते रहे हैं। पीएम मोदी ने 2014 में अमेरिका के दौरे पर कहा था कि भारत अब सपेरों का देश नहीं, माउस चार्मर्स यानी कम्प्यूटर के माउस को चलाने वालों का देश बन चुका है। वहीं, अक्टूबर 2013 में उन्होने बाइब्रेंट गुजरात यूथ समिट में कहा था कि दुनिया की नजर में भारत की छवि सांप और सपेरों वाले देश की जगह तकनीकी जानने और नवाचार करने वाले देश की बन रही है।
