राष्ट्रहित के मामलों में राजनीतिक मतभेदों को बीच में नहीं लाना चाहिए, पीएम मोदी का अपमान करने वालों को शरद पवार की नसीहत
नई दिल्ली। एनसीपी (एससीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की है। इतना ही नहीं उन्होंने पीएम मोदी की आलोचना वालों को नसीहत भी दे डाली। शरद पवार ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा राजनीतिक मुद्दों पर हमारी राय प्रधानमंत्री मोदी से अलग हो सकती है लेकिन जब बात देश की प्रतिष्ठा की हो तो हम सबको साथ आना चाहिए। राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
पवार ने आगे कहा कि बात जब राष्ट्रीय हित की हो तो उसमें सभी को सामूहिक रूप से योगदान देने के साझा उद्देश्य के साथ आगे आना चाहिए। राष्ट्र हित के मामलों में राजनीतिक मतभेदों को बीच में नहीं लाना चाहिए। इस दौरान पवार ने इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन लोगों ने देश के भविष्य और उसकी प्रतिष्ठा को हमेशा अपने नेतृत्व के केंद्र में रखा। पवार ने इंदिरा गांधी से जुड़ी एक घटना का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी एक बार जब सोवियत संघ की यात्रा पर थीं तो उन्हें ऐसा लगा कि भारतीय प्रधानमंत्री को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। इंदिरा गांधी ने इस पर नाराजगी जताई और सोवियत अधिकारियों से कहा था, मैं 40 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती हूं। यदि उनकी प्रतिष्ठा का आदर नहीं होगा तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगी।
जवाहर लाल नेहरू से अपनी एक यादगार मुलाकात का भी उन्होंने जिक्र किया। पवार ने कहा कि अपने शुरुआती दिनों में दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से एक बार वो मिलने गए। उन्होंने किसानों और युवाओं से जुड़े कई सवालों की लिस्ट बनाई थी जो उनको प्रधानमंत्री से करने थे लेकिन नेहरू के प्रभावशाली व्यक्तित्व के सामने वो सब कुछ भूल गए।
