पश्चिम बंगाल में मौलाना ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर उतारने से किया इनकार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अब बीजेपी की सरकार है। बीजेपी की सरकारें कानून का सख्ती से पालन कराने के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में मस्जिदों समेत धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन भी वो करा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल के मौलानाओं ने साफ कह दिया है कि वो मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं उतारेंगे।
कोलकाता की नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने कहा कि लाउडस्पीकर संबंधी नियम बीजेपी सरकार ने नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का बनाया हुआ है। कासमी का कहना है कि कानून के मुताबिक लाउडस्पीकर हटाने का आदेश न प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिया है और न सुप्रीम कोर्ट ने। नाखोदा मस्जिद के इमाम के मुताबिक पाबंदी है कि औद्योगिक इलाकों में 75 से 80 डेसिबल कमर्शियल इलाकों में 70 से 75 डेसिबल, रिहायशी इलाकों में 65 से 70 डेसीबल और साइलेंस जोन में लाउडस्पीकर की आवाज 40 से 45 डेसीबल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लेकिन, पुलिस लाउडस्पीकर हटाने के लिए कह रही है। जो गलत है। नाखोदा मस्जिद के इमाम ने कहा कि पुलिस को कानून के हिसाब से काम करना चाहिए और हम भी वैसा ही करेंगे।
बता दें कि शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित जहांगीरी मोहल्ला में पुलिस ने जब एक मस्जिद में लगे तेज आवाज कर रहे लाउडस्पीकरों को हटाने का काम किया, तो भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर वहां जमकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर और उपद्रवियों की तलाश हो रही है। इसके बाद ही अब नाखोदा मस्जिद के इमाम मोहम्मद शफीक कासमी ने कह दिया है कि पश्चिम बंगाल की मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर नहीं उतारे जाएंगे। ऐसे में ये मसला पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ हुई बीजेपी और सत्ता से हटी टीएमसी के बीच सियासत का नया अखाड़ा तैयार कर सकती है।
