ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद पर सीबीएसई ने दिया जवाब, दोबारा मूल्यांकन की फीस घटाई
नई दिल्ली। सीबीएसई ने 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) भी लागू किया था। सीबीएसई 12वीं बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद ओएसएम पर विवाद पैदा हो गया है। तमाम छात्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ सब्जेक्ट में उनके ज्यादा, तो कुछ में कम नंबर आए हैं। छात्रों का कहना है कि जिन सब्जेक्ट में कम नंबर आए, उनकी परीक्षा उन्होंने बेहतर दी थी। इस पर अब सीबीएसई की तरफ से जवाब दिया गया है।
सीबीएसई के सचिव स्कूल शिक्षा संजय कुमार ने रविवार को कहा कि ओएसएम पहली बार उपयोग में नहीं लाया गया है। पहले भी इसका उपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग के बारे में छात्रों को कुछ शक है। चिंता जताई जा रही है कि बच्चों के ज्यादा नंबर आने चाहिए, लेकिन कम मिले। सीबीएसई अधिकारी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में ओएसएम का इस्तेमाल किया जाता है। जिन छात्रों को अपने नंबर कम होने पर कोई शक है, वो संबंधित सब्जेक्ट की परीक्षा कॉपी का दोबारा मूल्यांकन करा सकते हैं। संजय कुमार ने कहा कि सीबीएसई सभी बच्चों की भलाई चाहता है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई नहीं चाहता कि छात्रों को लगे कि उनकी योग्यता का सम्मान नहीं किया जा रहा।
सीबीएसई अधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कॉपी का दोबारा मूल्यांकन का विकल्प हमेशा रहा है। सीबीएसई ने फैसला किया है कि अगर कोई छात्र दोबारा परीक्षा कॉपी का मूल्यांकन कराना चाहता है, तो उसके लिए 700 रुपए की जगह सिर्फ 100 रुपए फीस ली जाएगी। हर सवाल को फिर से चेक करने के लिए अब सिर्फ 25 रुपए लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ओएसएम स्कैन को तीन लेयर में कराया गया। ऑनलाइन चेकिंग से कुल नंबर जोड़ने में जो गलती होती थी, वो खत्म हुई। टीचरों को इसके लिए ट्रेनिंग भी दी गई। संजय कुमार ने कहा कि कुल 13000 ऐसी कॉपी थीं, जो ठीक से स्कैन नहीं हो सकीं। इनको मैनुअली चेक किया गया। सीबीएसई ने इस साल कुल 98 लाख बोर्ड परीक्षा कॉपियों को स्कैन किया।
