पश्चिम बंगाल में ईडी का एक्शन, पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा के घर समेत कई अन्य जगहों पर छापेमारी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने आज कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा और हिस्ट्रीशीटर बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से संबंधित उगाही रैकेट, अवैध लेन देन की जांच के संबंध में ईडी ने यह कार्रवाई की है। ईडी की अलग-अलग टीमें कोलकाता और मुर्शिदाबाद में कुल नौ जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा के कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित घर का ताला तोड़कर ईडी के अधिकारियों ने छापा मारा। छापेमारी अभियान के चलते केंद्रीय बल के जवानों ने पूरे इलाके को घेर रखा है।
शांतनु सिन्हा के भतीजे सौरव अधिकारी, मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू, कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली के परिसरों पर भी तलाशी अभियान जारी है। बता दें कि कोलकाता पुलिस ने शांतनु सिन्हा को 14 मई को गिरफ्तार किया था। जबकि बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद 18 मई को गिरफ्तार किया था। पश्चिम बंगाल में जमीन हड़पने से जुड़े कई मामलों में सोना पप्पू और उसके सहयोगी वांछित थे।
2015 में जब बालीगंज रेल यार्ड में हिंसक झड़प हुई थी उस वक्त सोना पप्पू का नाम प्रमुखता से सामने आया था। सोना पप्पू के खिलाफ कोलकाता पुलिस द्वारा एफआईआर भी दर्ज की गई थी। वो कई दिनों से फरार चल रहा था। सोना पप्पू पर रंगदारी मांगने, दंगा भड़काने, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन करने जैसे कई संगीन आरोप हैं। हालांकि छापेमारी के संबंध में फिलहाल ईडी की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। उधर, ईडी के एक्शन की वजह से बंगाल के राजनीतिक और प्रशासनिक हलके में हलचल तेज हो गई है।
