तमिलनाडु सीएम विजय पर चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल का आरोप, हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी टीवीके एक नए विवाद में घिर गई है। आरोप है कि विजय ने चुनाव प्रचार के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया था। इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे गंभीर विषय बताया है और इस पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अधिवक्ता वासुकी की ओर से दायर इस जनहित याचिका में डीएमके और एआईएडीएमके पर भी चुनाव में भ्रष्ट आचरण और वोट के बदले पैसे बांटने के आरोप लगाए गए हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में टीवीके प्रमुख विजय के उस भाषण का भी जिक्र किया जो उन्होंने चुनाव परिणाम आने के बाद दिया था। विजय ने टीवीके की जीत पर अपने संबोधन में बच्चों को धन्यवाद दिया था। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की बेंच ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच होनी जरूरी है। बेंच ने चुनाव आयोग के वकील से कहा है कि वह इस मामले में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जवाब दाखिल करें। बेंच ने यह भी पूछा कि किसी उम्मीदवार को तो अयोग्य ठहराया जा सकता है, लेकिन क्या किसी राजनीतिक दल पार्टी पर भी ऐसी कार्रवाई संभव है कि उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाए?
याचिकाकर्ता की ओर से टीवीके पर आरोप लगाया गया है कि विजय ने 21 अप्रैल को वाईएमसीए मैदान में रैली के दौरान बच्चों से कहा था कि वे अपने माता-पिता को वोटिंग के लिए भावनात्मक रूप से प्रभावित करें। याचिकाकर्ता के अनुसार इसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो आए जिसमें बच्चों को अपने माता, पिता, दादा, दादी और नाना, नानी पर किसी विशेष पार्टी को वोट देने के लिए भावनात्मक दबाव बनाते देखा गया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि बच्चों के जरिए अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करके विजय ने चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन किया है।
