‘दुख है कि पहले के मामले से सबक नहीं सीखा’, नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट का रवैया सख्त
नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक मामले में दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सख्त नजर आया। कोर्ट ने कहा कि ये दुख की बात है कि नीट यूजी के पिछले पेपर लीक मामले से एनटीए ने कोई सबक नहीं सीखा है। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में दाखिल याचिकाओं पर केंद्र और शिक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उस मॉनिटरिंग कमेटी का क्या हुआ, जिसके बारे में उसने पहले आदेश दिया था?
वकील तन्वी दुबे ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में याचिका दाखिल की है। जिसमें एनटीए को बदलने और अदालत की निगरानी में फिर से नीट यूजी परीक्षा कराने की मांग की गई है। वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने भी याचिका दाखिल कर नीट यूजी परीक्षा कराने में एनटीए की कथित प्रणाली की विफलता का मुद्दा उठाया है। वकील तन्वी दुबे की याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि नीट परीक्षा एनटीए की जगह ज्यादा मजबूत और तकनीकी तौर पर उन्नत व स्वायत्त संस्था से कराए।
एनटीए ने नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को कराई थी। परीक्षा के बाद ही एक वाट्सएप चैट से पेपर लीक होने का पता चला। नीट यूजी परीक्षा में केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर के सभी सवाल इस वाट्सएप चैट पर आए सवालों से मेल खा गए। इस मामले की सबसे पहले राजस्थान पुलिस से शिकायत हुई थी। जिसने जांच के बाद 45 लोगों को पकड़ा था। शिक्षा मंत्रालय ने बाद में सीबीआई को जांच सौंप दी। सीबीआई ने नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले में कई प्रोफेसर और कोचिंग चलाने वालों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एनटीए ने 21 जून को दोबारा नीट यूजी परीक्षा रखी है। एनटीए सभी अभ्यर्थियों की फीस भी वापस करने जा रहा है। जिसके लिए अभ्यर्थियों से बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड वगैरा मांगा गया है।
