यूपी में गैर सहायता वाले मदरसों की एटीएस जांच रहेगी जारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे रोकने की याचिका खारिज की
प्रयागराज। यूपी में 4000 से ज्यादा सरकारी सहायता के बिना चलने वाले मदरसों को फंड मिलने की यूपीएटीएस की ओर से की जा रही जांच में हस्तक्षेप करने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। यूपी के अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गैर सहायता प्राप्त मदरसों की आतंकवाद निरोधक दस्ता जांच कर रहा है। मदरसा प्रबंधन समिति और मदरसा अरबिया के टीचर्स एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका को जस्टिस नीरज तिवारी और जस्टिस विवेक शरण की बेंच ने खारिज कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में 9 दिसंबर 2025 को यूपी सरकार की ओर से मदरसों की एटीएस जांच से संबंधित आदेश को रद्द करने की अपील की गई थी। याचिका में कहा गया था कि इससे पहले भी करीब-करीब ऐसे ही आधार पर दो बार मदरसों की जांच हो चुकी है, लेकिन उसमें कुछ भी गलत नहीं मिला। याचिका में कहा गया कि मौजूदा जांच परेशान करने की कोशिश है। ऐसे में जांच गलत है और इसे रोका जाना चाहिए। इस याचिका पर यूपी सरकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच में कहा गया कि अलग-अलग स्रोतों से मिली सूचना के आधार पर ये जांच सिर्फ याचिका करने वालों के खिलाफ नहीं, 4000 मदरसों की हो रही है।
यूपी सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि जांच किसी तरह से दंडात्मक या जबरन की जाने वाली कार्रवाई नहीं है। याचिका करने वालों को जांच के दौरान जवाब देने की पूरी आजादी है। यूपी सरकार की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की बेंच ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इसे जबरन कार्रवाई नहीं कहा जा सकता। फिलहाल इस पर विचार नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने साथ ही कहा कि अगर याचिका देने वालों की ओर से जांचकर्ताओं को कोई जवाब दिया जाता है, तो उस पर विचार किया जाए। यूपी सरकार ने गैर सहायता प्राप्त मदरसों को विदेशी चंदा मिलने का आरोप लगने के बाद जांच शुरू की थी। ऐसे मदरसों के बारे में इनपुट मिला था कि बिना वित्तीय दस्तावेजों या आय के सत्यापित स्रोतों के इनको बनाया गया है।
