राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर RSS की पहली प्रतिक्रिया, बोला— ‘दोषियों को मिले कड़ी सजा’
रविन्द्र बंसल –
अयोध्या/लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले ने अब नया और महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार इस प्रकरण पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और कहा कि इससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। संघ ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में चढ़ावे में कथित अनियमितता या चोरी केवल वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि जनविश्वास पर भी आघात है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जांच की अपेक्षा जताई।
जांच एजेंसियां पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की गहन जांच जारी है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की परतें सामने आ सकें।
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। विपक्ष सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने केवल एक कथित चोरी के मामले से आगे बढ़कर धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रद्धालुओं के विश्वास की सुरक्षा पर व्यापक बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें SIT की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं, क्योंकि यही तय करेगा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण में जिम्मेदारी किसकी बनती है और कानून किस प्रकार कार्रवाई करता है।
