ट्रंप प्रशासन ने इन तीन अमेरिकी वीजा के लिए 4 साल की समयसीमा तय की, भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है असर
नई दिल्ली। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन लगातार वीजा के मामले में नए नियम बना रहा है। अब अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने आव्रजन से संबंधित नया नियम लागू किया है। इस नियम के तहत एफ-1 छात्र वीजा, जे-1 एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए ‘आई’ वीजा धारक सिर्फ 4 साल ही अमेरिका में रह सकेंगे। इन सभी वीजा के लिए भी अधिकतम 4 साल की सीमा तय होने से भारतीय नागरिकों पर असर पड़ना तय है। खासकर एफ-1 वीजा से भारतीय छात्रों पर असर पड़ेगा।
डीएचएस की ओर से वीजा की अधिकतम समयसीमा तय करने से भारतीय छात्र अपनी पढ़ाई की अवधि तक ही अमेरिका में रह सकेंगे। वहीं, ‘आई’ वीजा पर जो विदेशी मीडियाकर्मी अमेरिका जाते हैं, वे भी अब 4 साल तक ही वहां रहने के योग्य माने जाएंगे। डीएचएस ने कहा है कि नए वीजा नियमों को इस साल 15 सितंबर से लागू किया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी कांग्रेस यानी संसद नए वीजा नियमों की समीक्षा करेगी और वो इनमें बदलाव भी कर सकती है। अमेरिकी वीजा की समयसीमा तय करने पर भारत के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है। मुश्किलों का सामना करने वाले वास्तविक छात्रों और अमेरिका जाने वाले यात्रियों के पक्ष में भारत आवाज उठाता रहेगा।
बता दें कि इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन वीजा संबंधी नए नियम लाता रहा है। ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख डॉलर फीस भी तय की थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कहते हैं कि वो घुसपैठियों को अमेरिका से बाहर करना चाहते हैं। साथ ही ट्रंप ये भी नहीं चाहते कि अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चे को जन्म के आधार पर नागरिकता दी जाए। हालांकि, अब तक उनका ये फैसला लागू नहीं हो सका है। अब तीन तरह के वीजा पर समयसीमा संबंधी पाबंदी के नियम से ट्रंप प्रशासन ने विदेशियों के लिए मुश्किल खड़ी की है। जिसकी गूंज वहां के शिक्षण संस्थानों में भी सुनाई देने की उम्मीद है।
