NTA एक्सपर्ट्स ने कैसे लीक कराया नीट यूजी का पेपर? सीबीआई ने चार्जशीट में किया खुलासा
नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में बताया है NTA एक्सपर्ट्स ने ही पेपर लीक कराया था। सीबीआई ने 94 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा किया है कि केमिस्ट्री के एक्सपर्ट पीवी कुलकर्णी, बॉटनी की एक्सपर्ट मनीषा मंधारे और फिजिक्स की एक्सपर्ट मनीषा हवलदार ने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर प्रश्नपत्र के सवालों को पहले याद कर लिया फिर पर्चियों में उनके नोट बनाए और उनसे जुड़े NCERT चैप्टर पर निशान लगाए। इसके बाद कोचिंग नेटवर्क और अपने खास बिचौलियों के जरिए सवालों को छात्रों तक पहुंचाया गया।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट सीबीआई की इस चार्जशीट पर 10 अगस्त को संज्ञान लेगी। सीबीआई के अनुसार पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पुणे स्थित अपने घरों पर नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए सीक्रेट तौर पर स्पेशल रिवीजन सेशन आयोजित किए। इस दौरान उम्मीदवारों को नीट पेपर के प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर मौखिक रूप से बताए गए, जिनको छात्रों ने लिखकर नोट कर लिया। वहीं मनीषा हवलदार ने अपने विश्वासपात्र कोचिंग टीचरों जिनसे उनकी डील हुई थी उनको मौखिक सवाल उत्तर समेत बताए। इसके बाद इन नोट्स की तस्वीरें ली गईं और उसे आगे फॉरवर्ड किया गया।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें एनटीए एक्सपर्ट्स समेत, कोचिंग संचालक, पुणे का एक डॉक्टर समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। यह सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली कई राज्यों में बहुत सी जगहों पर छापेमारी की थी। पेपर लीक की घटना के बाद नीट यूजी का री-एग्जाम 21 जून को कराया गया जिसका रिजल्ट भी आ चुका है। पेपर लीक के विरोध में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र हित में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
