तीन महीने से बिजली संकट में लोनी: खतौली विधायक मदन भैया ने सरकार को भेजा पत्र पांच से सात घंटे बिजली मिलने का दावा,
रविन्द्र बंसल –
गाजियाबाद। लोनी विधानसभा क्षेत्र में करीब तीन महीने से जारी बिजली संकट अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से विधायक मदन भैया ने लोनी में बदहाल विद्युत आपूर्ति को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। मदन भैया ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि जब सरकार के स्तर से बिजली आपूर्ति में कोई कमी नहीं है और प्रदेश के दूसरे जनपदों में विद्युत आपूर्ति अपेक्षाकृत सामान्य है, तो लोनी विधानसभा क्षेत्र में ही लगातार बिजली संकट क्यों बना हुआ है।
खतौली विधायक मदन भैया ने पत्र में कहा है कि 21 जुलाई 2026 को भी लोनी की जर्जर विद्युत व्यवस्था को लेकर पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक स्थिति में कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका दावा है कि लोनी विधानसभा क्षेत्र में बिजली पांच से सात घंटे तक ही उपलब्ध हो पा रही है और लगातार अघोषित कटौती से जनता बेहद परेशान है।
उन्होंने इस पूरे मामले को केवल बिजली कटौती की समस्या न मानते हुए व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। पत्र में कहा गया है कि बिजली संकट को लेकर आए दिन धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और लोगों के घरों में विवाद तक की स्थिति पैदा हो रही है। लोनी की जनता लगातार बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है।
लॉगबुक खोलेगी बिजली आपूर्ति की असली तस्वीर
खतौली विधायक ने विद्युत मंडल लोनी के अंतर्गत आने वाले इन्द्रप्रस्थ, टीला, नाईपुरा, बलराम नगर और लालबाग विद्युत उपकेंद्रों की लॉगबुक के आधार पर जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन उपकेंद्रों की लॉगबुक से वास्तविकता सामने आ सकती है कि निर्धारित विद्युत आपूर्ति कितने घंटे हुई और वास्तव में उपभोक्ताओं को कितने घंटे बिजली मिली।
मदन भैया ने पत्र में विशेष जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
आंदोलन और प्रदर्शन से बढ़ा दबाव
लोनी में बिजली कटौती को लेकर जनता का आक्रोश लगातार सामने आ रहा है। हाल ही में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में धरना भी दिया गया था, जिसे अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया।
ऐसे माहौल में खतौली विधायक मदन भैया का मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने यह भी इंगित किया है कि बिजली संकट के कारण लोनी में लगातार धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं और इनकी खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित होने से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।
सवाल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर
मदन भैया के पत्र ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि प्रदेश स्तर पर बिजली उपलब्धता में कमी नहीं है तो फिर लोनी में आपूर्ति लगातार बाधित रहने के पीछे कारण क्या है? क्या तकनीकी खामियां इसकी वजह हैं, या फिर वितरण व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर निगरानी में कमी है?
इन सवालों का जवाब अब उपकेंद्रों की लॉगबुक, फाल्ट रजिस्टर और वास्तविक विद्युत आपूर्ति के आंकड़ों की जांच से ही सामने आ सकता है।
सरकार से सीधा जवाब मांग रहे मदन भैया
खतौली विधायक मदन भैया ने अपने पत्र के माध्यम से साफ संकेत दिया है कि लोनी की बिजली समस्या को अब सामान्य शिकायतों के स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने सरकार से मामले की दृष्टिगत जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री और ऊर्जा विभाग इस पत्र को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लोनी के विद्युत संकट की तह तक पहुंचने के लिए जांच समिति गठित की जाती है।
लोनी की जनता का सवाल भी सीधा है—जब बिजली की उपलब्धता है तो फिर बिजली जा क्यों रही है? और अगर लगातार कटौती हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
