वन नेशन वन इलेक्शन 2029 से ही होगा लागू?, जानिए क्यों मिल रहा इशारा?
नई दिल्ली। क्या 2029 में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ यानी लोकसभा के साथ सभी राज्यों के चुनाव होंगे? इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट इसी ओर इशारा कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक वन नेशन, वन इलेक्शन के बारे में बनाई गई संसद की संयुक्त समिति यानी जेपीसी हर राज्य के सीएम से इस बारे में सलाह ले रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पहले ये सोचा गया था कि 2034 में वन नेशन, वन इलेक्शन कराया जाए, लेकिन इसे 2029 से ही लागू किया जा सकता है।
साल 2029 तक देश के 11 राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। जबकि, 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। अगर संसद के शीतकालीन सत्र में वन नेशन, वन इलेक्शन संबंधी कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपती है और मोदी सरकार उस पर बिल बनाकर पास करा 2029 से लागू करती है, तो जिन राज्यों में 2029 से पहले चुनाव होने हैं, उनको लोकसभा के साथ ही कराने के लिए वहां की विधानसभा को पहले भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। हालांकि, विपक्षी दल वन नेशन, वन इलेक्शन के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि ऐसा करना भारत के संघीय ढांचे से छेड़छाड़ करना है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर 2020 को ऑल इंडिया प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले वन नेशन, वन इलेक्शन की बात कही थी। उनका कहना था कि देश में लगातार चुनाव होने से काफी धन खर्च होता है। एक साथ चुनाव कराने पर कम खर्च में ही काम चल जाएगा। पीएम मोदी इसके बाद भी लगातार वन नेशन, वन इलेक्शन के पक्ष में बयान देते रहे हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी शासित राज्यों ने भी वन नेशन, वन इलेक्शन के पक्ष में अपनी राय दी है। हालांकि, वन नेशन, वन इलेक्शन कराने के लिए संविधान संशोधन करना होगा। जिसके लिए मोदी सरकार को संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। लोकसभा में फिलहाल सरकार के पास इतनी संख्या नहीं है। जबकि, राज्यसभा में वो दो-तिहाई बहुमत के करीब है।
