लाल किला कार बम धमाके में कोर्ट ने एनआईए की चार्जशीट का लिया संज्ञान, कई डॉक्टरों समेत ये 12 लोग हैं आरोपी
नई दिल्ली। राजधानी में लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाका मामले में एनआई के विशेष कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लिया है। अब इस मामले में 9 सितंबर 2026 को सुनवाई होगी। एनआईए ने लाल किला कार बम धमाका मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही 2 अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त चार्जशीट भी एजेंसी ने कोर्ट में दी है। इन आरोपियों में कई डॉक्टर हैं।
लाल किला कार बम धमाके में आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी की भी मौत हुई थी। जबकि, एक आरोपी अब भी फरार है। लाल किला के पास कार बम धमाके में उमर के अलावा 12 लोगों की मौत हुई थी। जबकि, 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस और एनआईए की जांच में पता चला था कि उमर उन नबी ने कार की पिछली सीट पर बम रखा था और उसे पुरानी दिल्ली की एक मस्जिद के पास पार्क किया था। दिन भर मस्जिद और आसपास बाजार में घूमने के बाद शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर वो कार लेकर लाल किले के मेट्रो स्टेशन के दूसरी तरफ पहुंचा और उसमें धमाका हुआ।
दिल्ली कार बम धमाके के दिन सुबह ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल गनई और डॉक्टर शाहीन सईद को गिरफ्तार किया था। जबकि, उमर उन नबी कार में बम लेकर फरार हो गया था। एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की लैब का इस्तेमाल भी बम बनाने के लिए किया था। इस मामले में सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में डॉक्टर आदिल अहमद राथर गिरफ्तार हुआ था। मेडिकल कॉलेज में उसके लॉकर से एके-47 रायफल बरामद की गई थी। उससे पूछताछ के बाद ही जम्मू-कश्मीर पुलिस अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों तक पहुंची थी। इस मामले में साजिश रचने का आरोपी आमिर रशीद अली, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएबा, जासिर बिलाल वानी, डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला, यासिर अहमद डार, तुफैल अहमद भट, मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज और जमीर अहमद आहंगर भी आरोपी हैं।
