वेनेजुएला के कच्चे तेल के बड़े भंडार पर अब अमेरिका का नियंत्रण, डोनाल्ड ट्रंप ने किया एलान
वॉशिंगटन। अमेरिका अब वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार का नियंत्रण करेगा। एक अनुमान के मुताबिक वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है। जो दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। इस साल जनवरी में ट्रंप ने अमेरिकी सेना भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। मादुरो पर नार्को टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोप में अमेरिका में केस चलाया जा रहा है।
वेनेजुएला के कच्चे तेल भंडार के बड़े हिस्से पर नियंत्रण का एलान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किया। ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि वेनेजुएला से ये समझौता वहां की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच बातचीत से हुआ है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अभी-अभी वेनेजुएला से एक समझौता किया है। जो दुनिया के इतिहास में कच्चे तेल की सबसे बड़ी डील है। ट्रंप पहले भी ये कहते रहे हैं कि वेनेजुएला के कच्चे तेल पर अमेरिका का अधिकार होगा और वो उसकी बिक्री तय करेगा।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद ट्रंप ने कहा था कि कच्चा तेल निकालने वाली अमेरिका की कंपनियां वहां फिर जाएंगी। जिससे तेल के भंडार का इस्तेमाल हो सकेगा। ट्रंप ने इस एलान के साथ ये आरोप भी लगाया था कि वेनेजुएला ने अमेरिका का कच्चा तेल चुराया है। दरअसल, जब ह्यूगो शावेज वेनेजुएला के राष्ट्रपति थे, उस वक्त उन्होंने वहां काम करने वाली तमाम विदेशी संपत्ति का राष्ट्रीयकरण किया था। उसके बाद वहां कच्चा तेल निकालने वाली अमेरिकी कंपनियां अपना काम-काज बंद कर लौट आई थीं। तभी से अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनातनी रही। अमेरिका ने वेनेजुएला पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगा रखे थे। जिसकी वजह से वेनेजुएला अपना कच्चा तेल नहीं बेच सकता था। निकोलस मादुरो को हटाने के बाद ट्रंप ने वेनेजुएला को कुछ मात्रा में कच्चा तेल बेचने की मंजूरी दी थी।
