नेपाल के अनुरोध पर टनल रेस्क्यू टीम भेजेगा भारत, चीन में फंसे 400 भारतीय सुरक्षित, विदेश मंत्रालय ने किया कंफर्म
नई दिल्ली। नेपाल के अनुरोध पर भारत एक टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा हैं। इसके लिए सबसे पहले एक RECI टीम भेजी जा रही है, जो जमीनी हालात का जायजा लेगी और यह पता लगाएगी कि किस तरह के उपकरणों की जरूरत होगी। यह जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी। उन्होंने बताया कि हम नेपाल एक मेडिकल टीम भी भेज रहे हैं। इसके अलावा, हमने बेली ब्रिज और उनसे जुड़ी टेक्निकल टीमें भी देने का प्रस्ताव दिया है, ताकि नेपाल के प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द संपर्क बहाल किया जा सके। हमने नेपाल के अधिकारियों को NDRF की टीमें और उनसे जुड़े उपकरण भेजने का भी खास प्रस्ताव दिया है, जो जारी खोज और बचाव कार्यों में मदद कर सकें और इस त्रासदी से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचा सकें। हम इस मामले में नेपाल सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल के अधिकारियों को जिस भी मदद की जरूरत होगी, हम उसे देने के लिए तैयार हैं।
एमईए प्रवक्ता ने जानकारी दी कि चीन में हमारे 400 भारतीय नागरिक हैं और वे पूरी सुरक्षित हैं तथा अपने परिवार के संपर्क में हैं, उनकी अपने परिवार से बात हो रही है। हमारी एम्बेसी उनके टीम लीडर्स और ट्रैवल एजेंट के संपर्क में है। हमारा MEA कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है, ठीक वैसे ही जैसे काठमांडू और बीजिंग में हमारी एम्बेसी के कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं। जायसवाल ने बताया कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक आज दिल्ली पहुंच गए हैं। ये 21 भारतीय नागरिक तमिलनाडु के रहने वाले हैं और इंडिगो की फ्लाइट से आए हैं। इन 21 भारतीय नागरिकों के अलावा, त्रिशूली-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे जिन 63 भारतीय नागरिकों के बारे में मैंने आपको जानकारी दी थी, उन्हें भी गुरुवार को ही सुरक्षित निकाल लिया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल को भारत के द्वारा भेजी जा रही मदद के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि त्रासदी वाले दिन ही भारत ने मानवीय सहायता के प्रयास शुरू कर दिए थे। भारत का पहला विमान 26 अगस्त की शाम को रवाना हुआ जिसमें 10 टन राहत सामग्री थी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं। इसके बाद, 27 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे दूसरा जहाज रवाना हुआ। उसमें 37.5 टन राहत सामग्री थी, जिसमें टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट, जेनसेट, दवाएं और खाद्य सामग्री शामिल थी। भारत एक और जहाज राहत सामग्री लेकर बहुत जल्द रवाना होने वाला है।
