मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य के दौरे पर रवाना, व्यापार, आर्थिक सहयोग समेत कई मायनों में अहम है पीएम की यात्रा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य के दौरे पर रवाना हुए। मोदी पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे और 30 अगस्त तक वहां रहेंगे। इसके बाद वो 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिज गणराज्य की यात्रा करेंगे। मोदी की यह यात्रा कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है। ताशकंद में मोदी की राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी जो भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा उठाया एक सार्थक कदम होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करेंगे। यह मोदी की चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा है।
यहां से मोदी अपनी यात्रा के अगले पड़ाव किर्गिज गणराज्य के लिए रवाना होंगे और 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए राजधानी बिश्केक जाएंगे। इस समिट में वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। मोदी भी समिट को संबोधित करेंगे। इस समिट के दौरान पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात संभावित है। आपको बता दें कि यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। भारत शंघाई सहयोग संगठन का साल 2017 से पूर्ण सदस्य है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गीजस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान इससे जुड़े तथा 2023 में ईरान भी इसका सदस्य बन गया।
