लोनी में न्यायालय स्थापना की दिशा में बड़ी प्रगति, प्रस्तावित भूमि को बताया गया उपयुक्त
लोनी-गाजियाबाद। तहसील लोनी में लंबे समय से न्यायालयों की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे प्रयासों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोनी में न्यायालय स्थापित करने से संबंधित जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए कहा है कि अब प्रस्तावित भूमि को संबंधित समिति और जिला न्यायाधीश द्वारा उपयुक्त पाया गया है तथा न्यायालयों की स्थापना और निर्माण के लिए नया प्रस्ताव हाईकोर्ट को भेजा जाएगा।
लोनी विकास समिति और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल जनहित याचिका में तहसील लोनी, जिला गाजियाबाद में न्यायालय स्थापित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी।
पहले जमीन को लेकर अटकी थी प्रक्रिया
मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि लोनी में न्यायालय स्थापित करने के लिए पूर्व में भूमि का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उस समय भूमि को उपयुक्त नहीं पाए जाने के कारण प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद वैकल्पिक भूमि तलाशने की प्रक्रिया भी शुरू हुई।
आदेश के अनुसार, बाद में लोनी के एसडीएम से भी इस संबंध में जानकारी ली गई। इसके बाद प्रस्तावित भूमि का पुनः परीक्षण कराया गया।
12 अगस्त को हुआ निरीक्षण, जमीन को बताया उपयुक्त
हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर सब-कमेटी के अध्यक्ष और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट नंबर-3, गाजियाबाद ने अन्य अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद 12 अगस्त 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें प्रस्तावित भूमि को न्यायालयों की स्थापना के लिए उपयुक्त बताया गया। इसके आधार पर जिला न्यायाधीश ने भी आगे की कार्रवाई किए जाने की राय व्यक्त की।
अब हाईकोर्ट को भेजा जाएगा नया प्रस्ताव
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान स्थिति में इन्फ्रास्ट्रक्चर सब-कमेटी और जिला न्यायाधीश द्वारा भूमि को उपयुक्त पाए जाने के बाद न्यायालयों के निर्माण और आवश्यक कोर्ट स्थापित करने के लिए हाईकोर्ट को नया प्रस्ताव भेजा जाए।
हाईकोर्ट ने यह भी अपेक्षा की है कि इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
अभी निर्माण की अंतिम मंजूरी नहीं
हालांकि यह स्पष्ट है कि अभी न्यायालय भवन के निर्माण का अंतिम आदेश या निर्माण कार्य शुरू करने की मंजूरी नहीं हुई है, लेकिन जमीन को उपयुक्त पाए जाने और नया प्रस्ताव आगे भेजे जाने से लोनी में न्यायालय स्थापना की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।
13 अगस्त 2026 के इस आदेश को लोनी में न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नया प्रस्ताव कब हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचता है और लोनी में न्यायालयों की स्थापना को लेकर अंतिम प्रशासनिक एवं न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
